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डकार के बार-बार आने का कारण

12 hours ago By Yogi Anoop

डकार के बार-बार आने का क्या संकेत है?

डकार, जिसे अपवर्ड विंड या उदान वायु भी कहा जाता है, यदि बार-बार आए—घंटों तक लगातार आती रहे—तो यह एक संकेत है कि शरीर में कुछ असंतुलन हो रहा है। डकार का अर्थ है गंध रहित हवा (wind without smell) का ऊपर की ओर निकलना। यह अपच (indigestion) नहीं है।

इसका मतलब यह है कि भोजन जल्दी पच गया है और उसके बाद पेट (स्टमक) में जो वायु बन रही है, वह अधिक मात्रा में बन रही है। जब यह वायु अत्यधिक (excess) बनने लगती है, तो वह डकार के रूप में बाहर निकलती है। इसका सीधा संकेत है कि पेट एसिड (अम्ल) कम और गैस अधिक बना रहा है।

जब यह अतिरिक्त वायु बनती है, तो सबसे पहले यह पेट पर दबाव डालती है। फिर यह दबाव डायफ्राम तक पहुंचता है, उसके बाद छाती (चेस्ट) और फूड पाइप (गले की नली) पर प्रभाव डालता है। यदि शरीर की प्राकृतिक बुद्धि (common sense) सही तरीके से काम कर रही है, तो यह दबाव डकार के रूप में बाहर निकाल दिया जाता है।

लेकिन कई बार ऐसा होता है कि व्यक्ति इस वायु को बाहर नहीं निकाल पाता। ऐसी स्थिति में इसके लक्षण और अधिक गंभीर हो जाते हैं। सिर के आगे और पीछे के हिस्से, कनपटियां (temples), आंखों के आसपास भारीपन महसूस होने लगता है और सोचने की क्षमता प्रभावित होने लगती है। ऐसा लगता है कि दिमाग जाम हो गया है या सोचने की प्रक्रिया रुक गई है।

यह सभी संकेत हैं कि शरीर में ऊपर की ओर जाने वाली वायु (उदान वायु) बढ़ गई है और डायफ्राम पर अत्यधिक दबाव बना हुआ है। इसी कारण लोगों को भ्रम होता है कि उन्हें हृदय संबंधी समस्या, माइग्रेन या सोचने की क्षमता में कमी हो गई है, जबकि वास्तव में यह समस्या गैस (अपवर्ड गैस्ट्रिक) से जुड़ी होती है।

अब प्रश्न आता है कि इसे कैसे नियंत्रित किया जाए।

यदि यह समस्या अपच के कारण नहीं है और केवल गंध रहित वायु के कारण है, तो इसे केवल दवाइयों से स्थायी रूप से ठीक नहीं किया जा सकता। कुछ दवाइयां अस्थायी रूप से पेट के तनाव को कम करके राहत दे सकती हैं, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है।

भोजन में सुधार करने से भी कुछ हद तक नियंत्रण आता है। यदि बहुत तीखा, मसालेदार या अधिक भोजन (over eating) किया जा रहा है, तो उसे नियंत्रित करने से डकार कम हो सकती है। हल्का और संतुलित भोजन जैसे खिचड़ी या साधारण रोटी-सब्जी लेने से भी राहत मिलती है। लेकिन यह समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं होती, क्योंकि इसका मूल कारण भोजन नहीं है।

असल कारण है पेट के क्षेत्र की मांसपेशियों (muscles) में बना हुआ तनाव (tension)। जब तक यह तनाव बना रहेगा, तब तक गैस का निर्माण जारी रहेगा—चाहे आप अच्छा भोजन करें या साधारण।

इसलिए इसका सबसे प्रभावी समाधान है कि पेट और डायफ्राम के क्षेत्र में जो अनावश्यक तनाव है, उसे ढीला (relax) किया जाए। जब यह तनाव समाप्त हो जाता है, तो गैस का निर्माण अपने आप संतुलित हो जाता है और डकार की समस्या भी समाप्त होने लगती है।

अंततः, समस्या का समाधान बाहरी उपायों में नहीं, बल्कि शरीर के भीतर बने हुए तनाव को समझने और उसे मुक्त करने में है।


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